वो खत
नीतू ने आज अपनी अलमारी खोली।बहुत दिनों के बाद वह थोड़ा नार्मल हो पाई थी।नीतू,50 वर्षीया थी जिसने 20 साल पहले अथर्व से लव मैरिज की थी।पर दोनों का साथ इतना छोटा होगा,उसको पता नहीं था।अभी दस दिन पहले ही एक कार एक्सीडेंट में अथर्व की मृत्यु हो गयी।नीतू की जैसे दुनिया ही खत्म हो गयी।कहाँ तो वह एक पल भी अथर्व के बिना मुश्किल समझती थी और अब ये ज़िंदगी कैसे कटेगी।
अपनी अलमारी में से नीतू ने एक बॉक्स निकाला।उस बॉक्स में वो ख़त थे जो कॉलेज टाइम में अथर्व ने उसको लिखे थे।एक नीले रंग का पत्र था।ये अथर्व का पहला लव लेटर था।इसको खोलते ही वह पुरानी यादों में खो गयी।
फ़्लैश बैक
नीतू ने पहले साल जब कॉलेज में कदम रखा तो वह अथर्व से टकरा गई।
अथर्व --आई एम सॉरी।
नीतू --कोई बात नहीं।मेरा ही ध्यान कहीं और था।
अथर्व -- आई एम अथर्व गुप्ता।कॉमर्स में एडमिशन ले रहा हूँ।और आप?
नीतू --जी मैं,नीतू शर्मा।मैं भी कॉमर्स में ही एडमिशन ले रही हूं।
अथर्व --तो फ्रेंड्स।
नीतू --फ्रेंड्स।
ये कहकर दोनों ने हाथ मिला लिया। अब दोनों की दोस्ती अच्छी हो गयी।एक साथ खाना पीना,पढ़ना,घूमना। जैसे किसी तीसरे के लिए उनके बीच कोई जगह नहीं थी।सेकंड ईयर तक तो दोनों को ये एहसास हो गया कि वे दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं।पर अब ये बात कही कैसे जाए?
अथर्व ने अपना पहला लव लेटर लिखा।
अथर्व --अब ये नीतू को कैसे दूँ?कहीं नाराज़ हो गयी तो।कहीं दोस्ती तोड़ दी।मेरा क्या होगा?पर कहना तो पड़ेगा ।आज नहीं तो कल।औरगर किसी और से उसने शादी कर ली तो।नही नहीं।
अथर्व ने लेटर को एक बुक में रखा और लाइब्रेरी गया।
अथर्व --नीतू,तुम यहाँ हो।मैं कब से तुम्हें ढूंढ रहा हूँ।
नीतू --हां बाबा ।अब बोल भी।
अथर्व --मुझे कहीं जाना है।पापा का कोई काम है।ये बुक ले।तेरी ही है।बाय।
नीतू --सुन तो। ओहो चला गया।
नीतू ने देखा कि बुक में एक नीले रंग का लिफाफा था।उसने उस लिफाफे को देखा कि उसमें एक लेटर है।नीतू ने वो लेटर खोला।
डिअर नीतू,
पहली बार जिस दिन मैंने तुझे देखा था,मुझे नहीं पता था कि मैं भी किसी से प्यार कर सकता हूँ।तुम्हारे वो लहराते बाल,पीला सूट,काली बड़ी -बड़ी आंखें।उफ्फ।एक बार में मुझे दीवाना बना गयीं।मुझे उस समय यह बस एक आकर्षण ही लगा।अब मुझे ये एहसास हो गया है कि मैं तुमसे बहुत -बहुत प्यार करता हूँ।और ये कोई टाइम पास नहीं है।इट इज़ रियल लव व्हिच आई फील फ़ॉर यू।
अगर तुम ना करना चाहो कर सकती हो।पर प्लीज़ फ्रेंडशिप नहीं खत्म करना।
आई लव यू,नीतू फ्रॉम बॉटम ऑफ माई हार्ट।
अथर्व
नीतू ये लेटर पढ़कर हैरान रह गई।उसके बाद वह दो दिन तक कॉलेज ही नहीं गयी। ऐसा नहीं था कि वह अथर्व को पसंद नहीं करती थी।बहुत पसंद करती थी।पर अचानक से उसका ऐसे लेटर लिखना,नीतू को कुछ अजीब लगा। अथर्व उसको फोन करता रहा।पर नीतू ने नहीं उठाया।
दो दिन बाद वह कॉलेज गयी।अथर्व को हाय कहा और एक बुक पकड़ा दी।अथर्व ने देखा कि उसमें नीतू का एक लेटर था।वो बहुत घबरा गया।उसने नीतू को आवाज़ भी दी पर वह रुकी नहीं।
अथर्व ने ख़त खोला और पढ़ना शुरू किया।
डिअर अथर्व,
अचानक से तुम्हारे प्यार के इज़हार से मैं समझ नहीं पा रही थी कि क्या कहूं।सॉरी तुम्हारा फ़ोन नहीं उठाया।मैं बहुत सोच रही थी।या कहो अपनी भावनाओं को टटोल रही थी।
सच में ,अथर्व जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था,तुम मुझे बहुत अच्छे लगे।तुम्हारा स्टाइल,बोलने का तरीका सब अच्छा लगा।
आई आल्सो लव यू।बहुत -बहुत प्यार करती हूं।मैं अपनी सारी जिंदगी सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे साथ ही बिताना चाहती हूं।
आई लव यू।
नीतू
उस दिन के बाद दोनों हमेशा के लिए एक साथ हो गए।
प्रेजेंट डे
नीतू की आंखों में आंसू थे जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
नीतू --अथर्व क्यों छोड़ गए मुझे तुम।इस दुनिया मे अकेले मैं क्या करूँगी?
इतने में उनका 15 वर्षीय बेटा,वेद आ गया।उसने एक लेटर टेबल पर रखा और चला गया।
नीतू ने लेटर पढ़ना शुरू किया।
मां,
तुम रो रही हो।पापा नहीं हैं,पर मैं तो हूँ ना।हमेशा तुम्हारे साथ।मैं हमेशा आपका ख्याल रखूंगा।पापा कहते थे कि मैं बिल्कुल उनके जैसा हूँ।
बस फिर। जब भी उनकी कमी महसूस हो ,आप मुझे देखा करो। उनका मिरर हूं मैं। आई प्रॉमिस ,मैं कभी भी आपको उनकी कमी महसूस नहीं होने दूंगा। आई लव यू ,मां।
वेद
इस ख़त में नीतू को अथर्व की झलक नज़र आई। उसके उस पहले प्यार भरे ख़त की।
the end