वो रात।

ek raat ka zikr

Cover artwork for वो रात।
SHORT STORIES

याद है 26 दिसम्बर की वो रात? जब तुम अपने प्यार को बयाँ कर रहे थे, तुम्हारे आँखों में वैसी ही चमक थी जैसे किसी नयी नवेली दुल्हन की आँखों में होती है।
मुझे प्यार पर यक़ीन नहीं था लेकिन तेरी इबादत में बात ही कुछ और थी, जो किसी भूखे शेर में भी इंसानियत जगा दे।
लोग अक्सर पूछते हैं उस शख़्स में ऐसा क्या था जो इतने सालों में भी मैं भुला ना पायी, अब तो मैं भी बोल देती हूँ की
वो किसी दुआ जैसा दिखता था जो मुक़म्मल तो हुई लेकिन जाते हुए अपने साथ मेरी सारी ख़्वाहिशों को दफ़न कर गयी।


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