ख़त।
ख़त।
SHAYARI
वो रोज़ सुबह ख़त लिख दिया करती थी मेरे नाम
मैं तो उसी पते पर रहता हूँ,
मगर अब ख़त किसी और पते पर जाता है।
~अबी
ख़त।
वो रोज़ सुबह ख़त लिख दिया करती थी मेरे नाम
मैं तो उसी पते पर रहता हूँ,
मगर अब ख़त किसी और पते पर जाता है।
~अबी